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रायपुरः अमूमन ऐसा नहीं होता कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नरेंद्र मोदी सरकार के किसी फैसले का कांग्रेस शासित कोई प्रदेश समर्थन करे. लेकिन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार के एक संभावित फैसले का स्वागत किया है. मामला पेट्रोल-डीजल की कीमतों से जुड़ा है.


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दरअसल, पेट्रोल-डीजल की कीमतें (Petrol-Diesel Price) आसमान छू रही हैं. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दाम गिर रहे हैं, लेकिन अपने देश में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. इसलिए सरकार अब पेट्रोल-डीजल को भी वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने की योजना बना रही है.


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel) ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है कि अगर केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी (Petroleum Under GST) के दायरे में लाने जा रही है, तो यह अच्छी बात है. कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार कम हो रही है, लेकिन हमारे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें घटने का नाम ही नहीं ले रही. साथ ही श्री बघेल ने एक चिंता भी जाहिर की.

राज्यों की हिस्सेदारी डाका डाल रही नरेंद्र मोदी सरकार- बघेल


भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने कहा कि हमारी चिंता यह है कि अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी (GST) के दायरे में लाया गया, तो उससे मिलने वाला टैक्स सीधे केंद्र सरकार को जायेगा. इसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी के बंटवारे पर बखेरा हो सकता है. केंद्र सरकार जीएसटी में राज्य सरकार का हिस्सा उन्हें नहीं देती. जीएसटी में हिस्सेदारी पर कानून है, लेकिन मोदी सरकार इसका पालन नहीं करती.


छत्तीसगढ़ के सीएम ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी बढ़ायी गयी. हमें हमारा हिस्सा मिल गया. लेकिन, केंद्र सरकार ने उस पर 3-4 फीसदी सेस (उप-कर) लगा दिया. उपकर सीधे केंद्र सरकार के खाते में चला जाता है. मैंने इसका विरोध किया. सेस लगाकर केंद्र सरकार टैक्स में राज्य सरकार की हिस्सेदारी पर डाका डाल रही है.

ऐसा माना जा रहा है कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (PM Narendra Modi Birth Day) पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में कटौती वाला बड़ा फैसला कर सकती हैं. बताया जा रहा है कि उस दिन पेट्रोल-डीजल को जीएसटी (GST) के दायरे में लाने पर फैसला हो सकता है. ऐसा हुआ, तो महंगाई की मार झेल रही जनता को ईंधन की बढ़ी कीमतों से निजात मिलेगी.



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