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जांजगीर। जांजगीर-चांपा जिले के बोरवेल में गिरे 10 साल के राहुल को बचाने के लिए खोदे गए गड्‌ढे और टनल को फिलहाल बंद नहीं किया जाएगा। उस पर अब डॉक्यूमेंट्री बनाई जाएगी। तब तक गड्‌ढे की बैरिकेडिंग के लिए PWD को निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर एक दिव्यांग बच्चे को बचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की कोशिशों को केंद्रीय सामाजिक, न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने भी सराहा है। खास बात यह है कि राहुल की तबीयत अब बहुत ठीक है और संभवत: उसे शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

मालखरौद ब्लॉक के पिहरीद गांव निवासी राहुल साहू उसके घर के पीछे खुले हुए 60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन 105 घंटे तक चलाकर राहुल को बचाया। गड्‌ढा करीब 65 से 70 फीट गहरा और इतना ही चौड़ा है। ग्रामीणों ने अनहोनी के डर से कलेक्टर को पत्र लिखकर गड्‌ढा पाटने की बात कही थी।

गड्‌ढे को देखने के लिए बड़ी संख्या में रोज लोग पहुंचते हैं। - Dainik Bhaskar

गड्‌ढे को देखने के लिए बड़ी संख्या में रोज लोग पहुंचते हैं।

कलेक्टर ने कहा-डॉक्यूमेंट्री स्टडी के काम आएगी


खबर प्रकाशित होने के बाद से लगातार प्रशासन पर भी इस बात का दबाव था कि गड्‌ढा पाट देना चाहिए। गड्ढे को देखने के लिए हर रोज बड़ी संख्या लोग गांव पहुंचते हैं। साथ ही गांव के लोग भी वहां आते-जाते हैं। दूसरी ओर प्रशासन इस गड्‌ढे को लेकर नई प्लानिंग में लगा हुआ था। हालांकि बात नहीं बन पा रही थी। अब कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने इस पर डॉक्यूमेंट्री बनाने की बात कही है। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल आगे स्टडी के रूप में किया जाएगा। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। इसके बाद गड्‌ढे को पाट दिया जाएगा।

पिहरीद ग्राम पंचायत।

केंद्रीय मंत्रालय ने सरकार के प्रयासों को सराहा


दूसरी ओर सामाजिक, न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई बैठक में इस रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ की गई। केंद्रीय दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने कहा कि एक दिव्यांग बच्चे को बचाने के लिए सरकार ने जो किया, वह उनकी संवेदनशीलता को दिखाता है। बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि सरकार की ओर से की गई यह पहल सराहनीय है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार कर रहे थे। इसमें कई राज्यों के मंत्री भी मौजूद थे।

दिल्ली में हुई केंद्रीय दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक में छत्तीसगढ़ की मंत्री अनिला भेंड़िया और अन्य राज्यों के मंत्री मौजूद रहे।

जिला पुनर्वास केंद्र को अस्पताल की तरह विकसित करेंगे


छत्तीसगढ़ की बाल एवं महिला विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने बोर्ड बैठक में कहा कि जिला पुनर्वास केंद्र दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत संवेदनशील और आवश्यक संस्थान है। इसे जिला चिकित्सालय के अनुरूप विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा अगर केंद्र सरकार सहयोग करे तो इसके लिए राज्य शासन निशुल्क भूमि और संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कोविड के समय बेरोजगार हुए दिव्यांगों से ऋण वसूली को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि उनका लोन खत्म होना चाहिए।

अपने पैरों पर फिर चलने लगा राहुल। - Dainik Bhaskar

अपने पैरों पर फिर चलने लगा राहुल।

10 जून को बोरवेल में गिरा था राहुल


राहुल साहू (10) 10 जून की दोपहर 2 बजे के बाद से कुछ पता नहीं चल रहा था। जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए तो राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्‌ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है। बोरवेल का गड्‌ढा 60 फीट गहरा था। राहुल मूक-बधिर है। मानसिक रूप से काफी कमजोर है, जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था।

राहुल को बचाने के लिए देश का सबसे बड़ा बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। - Dainik Bhaskar

राहुल को बचाने के लिए देश का सबसे बड़ा बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था।

चलाया गया था देश का सबसे बड़ा बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन


यह एक बच्चे को बचाने के लिए देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। 103 घंटे से भी ज्यादा चले इस ऑपरेशन में 4 IAS, 2 IPS, NDRF और सेना के जवान सहित 500 अफसर-कर्मचारी शामिल रहे। इन सबका बस एक ही मकसद था…सेव राहुल यानी 10 साल के बच्चे राहुल को बचाना है। इससे पहले देश में किसी बच्चे के लिए इतना लंबे समय और संसाधन के साथ कोई रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं हुआ। यह ऑपरेशन 5 दिन तक चला था। इसके बाद राहुल को सुरक्षित बचा लिया गया।